History of Computer(कम्प्यूटर का इतिहास )
कंप्यूटर का विकास तथा डिफ्रेन्सियल और एनालिटीकल इंजन का अविष्कार सन् 1822 में चार्ल्स बेबेज ने पास्कलिन से प्रेरणा लेकर पहला यांत्रिक कंप्यूटर का आविष्कार किया था, इसे डिफ्रेन्सियल इंजन कहा जाता था। उन्होंने विचित्र-विचित्र मशीने जैसे “डिफरेंशिअल इंजन” तथा “एनालिटीकल इंजन” बनाया जो सही तरीके से गणना कर सकते थे।
ABACAS –कम्प्यूटर की खोज का इतिहास 16 वी शताब्दी चीन में हुआ था | प्राथमिक शिक्षा में गणना करने के लिए abocus नामक यंत्र बनाया था |यह लकड़ी के एक आयताकार फ्रेम में होता है |जिसको दो भागो में बाटा गया है |
1 – Hearven – ऊपर वाले भाग को hearven कहते है |
२ – Earth – निचे वाले भाग को Earth कहते है |
इस फ्रेम में कई प्रकार के ब्रिट्स लगे होते है जिसमें मोती पिरोये जाते है यह मोती दो रंग के होते है |इसमे छोटे बच्चो को गिनती सिखाने का काम किया जाता है
Napier ‘ Bones- (सन 1617 ई० मे scotland के एक गणीतज्ञ(John Napier) ने एक मशीन बनाई जिसके द्वारा गुणा को सरलता से किया जा सकता था | इसमे 10 बोन्स के सेट होते है | हर बोन्स 9 लाइन मे बटती थी | जिसके द्वारा 1-9 अंको को दर्शाया गया था |
Charles Babbage - यूनिट के सुरुआत होने के पशचात इसपर लगातार प्रयोग होते रहे चाल्स वैवेग की नई मशीन का वैवेग ने 1883 ई ० में ब्यपारी उत्पादन किया और इसका नाम अद्रितीय (the babbage differnce engene )दिया था |
इस मशीन से बिजगणीतिक समीकरणो का दशमलव के स्थान तक सही मान निकला जा सकता है चाल्स वैवेज के अद्रितीय योगदान के कारण ही बैज्ञानिको ने इन्हे कम्पयूटर का जनक कहा गया है |